ऊर्जा उत्पादन

समाजवादी पार्टी की सरकार 2012 में बनने के बाद से ही उत्तर प्रदेश में बिजली की आपूर्ति को बढ़ाने के लिए ठोस नीति के साथ काम करना शुरू कर दिया गया। इसका लाभ यह हुआ कि उत्तर प्रदेश अब बिजली के सहारे विकास की नई ऊंचाई छूने की तैयारियों में जुट गया है। समाजवादी सरकार द्वारा पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों की जगह सौर ऊर्जा अपनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि धरती और हमारा कल दोनों सुरक्षित रहे।

  • 14 से 16 घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति। 22 से 24 घंटे शहरों में बिजली सप्लाई।
  • निजी क्षेत्र की बारा, ललितपुर व श्रीनगर बिजली परियोजनाओं से 4000 मेगावाट और राज्य सेक्टर की अनपरा डी परियोजनाओं से 1000 मेगावाट बिजली अक्टूबर 2016 से मिलने लगेगी।
  • 660 मेगावाट की पनकी सुपर क्रिटिकल तापीय बिजली परियोजना और 1320 मेगावाट की ओबरा सी परियोजना प्रगति के विभिन्न चरणों में हैं।
  • संयुक्त क्षेत्र में दो बिजली परियोजनाएं- एनटीपीसी के साथ 1320 मेगावाट की मेजा में सुपर क्रिटिकल तापीय विद्युत परियोजना और एनटीपीसी व नेवेली लिगनाइट के साथ 1980 मेगावाट घाटमपुर सुपर क्रिटिकल तापीय बिजली परियोजना संचालित की जा रही हैं।
  • ललितपुर जिले के अमरपुर गांव, महरौनी और चीरा में 10-10 मेगावाट क्षमता के तीन सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया जा चुका है।
  • कन्नौज के फकीरपुर गांव में 225 किलावाट के सोलर पावर प्लांट का भी लोकार्पण किया जा चुका है।