शिक्षा

“हम शिक्षा के बिना प्रगति नहीं कर सकता”

– अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश।

समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर प्रतिबद्ध है। समाजवादी सरकार ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं ताकि बिना किसी भेदभाव के सभी को और सहज रूप से शिक्षा मिल सके। सर्व शिक्षा अभियान को बेहतर बनाने से लेकर अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों की शिक्षा के लिए अखिलेश सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कन्या विद्याधन जैसी योजनाएं शुरू की हैं। उच्च शिक्षा के लिए निःशुल्क लैपटॉप वितरण कर छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही कई नए मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलीटेक्निक संस्थाएं भी खोली जा चुकी हैं। एमबीबीएस की सीटों में वृद्धि कर डॉक्टरों की कमी को दूर करने का प्रयास किया गया है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर अध्यापकों की भर्ती की जा रही है।

  • बीटीसी/विशिष्ट बीटीसी/ उर्दू मोअल्लिम के 18127 अध्यापकों की नियुक्ति की गई है और 15000 अध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
  • टीईटी प्रशिक्षु 60000 शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और 12825 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
  • उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित के 26000 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, 3334 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
  • उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों के लिए राज्य पुरस्कार योजना शुरू की गई है।
  • ‘सरस्वती पुरस्कार’ की राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी गई है।
  • ‘शिक्षक श्री’ पुरस्कार की राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।
  • उत्तर प्रदेश प्राविधिक विद्यालय का नाम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय किया गया है।
  • 7 नए पॉलीटेक्निक कॉलेजों की स्थापना के बाद शिक्षण कार्य शुरू।
  • 500 एमबीबीएस सीटों की वृद्धि मेडिकल कॉलेजों में।
  • लखनऊ में उच्चस्तरीय कैंसर और हृदयरोग संस्थान की स्थापना की जा रही है।