Navigate Manifesto
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सड़क निर्माण

  • राज्य सरकार द्वारा प्रारम्भ की जा चुकी सभी अवस्थापना योजनाओं को अधिकतम दो वर्ष में पूर्ण कराया जायेगा। लखनऊ और आगरा एक्सप्रेसवे की भांति ही

  • पूर्वांचल को जोड़ने के लिए समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को रिकार्ड समय में पूरा किया जायेगा।

  • इस एक्सप्रेस वे की करीब 50 प्रतिशत भूमि अधिगृहीत की जा चुकी है।

  • इसी मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड को तराई से जोड़ने के लिए और लखनऊ को नेपाल बार्डर से जोड़ने के लिए दो नये ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जायेगा।

  • झांसी-महोबा-सुल्तानपुर से कुशीनगर तक कुल 552 किमी का 6 लेन प्रवेश नियंत्रक एक्सप्रेसवे बनाया जायेगा। बिजनौर-मुरादाबाद-फतेहगढ़ तक कुल 303 किमी का 6 लेन प्रवेश नियंत्रक एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया जायेगा, जोकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से भी जोड़े जायेंगे। सन्नौटा ब्रिज ग्रेटर नोएडा से पुरकाजी मुजफ्फरनगर तक 8 लेन प्रवेश नियंत्रक एक्सप्रेस वे का भी निर्माण कराया जायेगा।

  • प्रदेश के 75 में 50 जनपद मुख्यालयों को फोर-लेन सड़क द्वारा जोड़ दिया गया है। अवशेष 25 जनपद, जिनके मुख्यालय को चार लेन कनेक्टीविटी से नहीं जोड़ा जा सका है, को जोड़ा जायेगा।

  • लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और वाराणसी में आसपास क्षेत्र को साइकिल हाईवे से जोड़ा जायेगा।

  • जिन गांवों को पक्के संपर्क के रूप में नहीं जोड़ा जा सका, उन सभी को मुख्य सड़कों से पक्के मार्ग से जोड़ा जायेगा।

  • सड़क-तराई क्षेत्र में सड़क संपर्क मार्गों का अच्छा जाल बिछाया जायेगा।