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चुनाव घोषणा-पत्र 2017

पांच साल पहले 2012 के चुनाव में जनता के समर्थन और पार्टी कार्यकर्ताओं के संघर्ष की वजह से समाजवादी पार्टी भारी बहुमत से जीती थी और हमको इस विशाल और महान प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर मिला था। समाजवादी सरकार ने उत्तरप्रदेश की बागडोर संभालने के साथ ही प्रतिभाशाली और ऊर्जावान मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश के विकास के एजेंडा को अंगीकृत कर सरकार की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं होना चाहिए, के फार्मूले पर चल पड़े थे। उन्होंने सरकार बनाने के साथ 15 मार्च 2012 से पार्टी के घोषणा पत्र को पूरी गंभीरता से लागू करना प्रारंभ कर दिया था। उस समय सरकार का खजाना खाली था, ध्वस्त प्रशासन व्यवस्था और प्रदूषित वातावरण की चुनौतियाँ थीं। फिर भी हमने बिना किसी प्रतिशोध की भावना के, घोषणा पत्र में जनता से किए गये वायदों को एक-एक कर पूर्ण कर दिखाया है। केन्द्र सरकार से वांक्षित सहयोग न मिल पाने के बाद भी कुशल एवं प्रभावशाली प्रबंधन से समाज के प्रत्येक वर्ग जैसे कि किसानों, नौजवानों, निर्धनों, कमजोरों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं, व्यापारियों और उद्यमियों के कल्याण के लिए योजनाएं प्रारंभ करके उनको पूरा कर दिखाया है। सरकार द्वारा केवल घोषणा पत्र के वायदों को ही पूरा नहीं किया, बल्कि प्रदेश के विकास और खुशहाली के लिए नये कदम उठाये और प्रदेश और देश की जनता के लिए कई नई योजनाएं भी लागू कीं और विकास का एक संतुलित मॉडल प्रस्तुत कर लागू किया। बुनियादी ढॉंचा, आर्थिक विकास और उद्योगों को बढ़ावा दिया गया तथा यह भी सुनिश्चित किया गया कि बढ़ी हुई विकास दर का लाभ समाज के कमजोर और वंचित वर्गों यथा किसानों, मजदूरों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और गरीबों को मिले। जहाँ एक ओर लखनऊ समेत कई शहरों में मेट्रो रेल परियोजना चलायी गई। वहीं, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का निर्माण रिकार्ड समय में किया गया। बिजली के आधारभूत ढॉंचे में सुधार कर बिजली की उपलब्धता दोगुना की गई, जिससे शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति होने लगी है। समाजवादी पेंशन योजना, किसानों को मुफ्त सिंचाई, किसान दुर्घटना बीमा योजना, लैपटॉप वितरण, कन्या विद्या धन वितरण और 102/108 एम्बुलेंस जैसे अनेक कल्याणकारी कार्य किए गये। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए यू.पी.-100 नामक ऐतिहासिक योजना सभी 75 जनपदों में चालू की गई है, जिससे एक फोन करने के 15-20 मिनट के भीतर पुलिस मदद के लिए पहुँच जाती है।

समाजवादी सरकार ने पांच वर्षों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। विकास के साथ सामाजिक सद्भाव की धारा को मजबूत किया गया है और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के साथ आर्थिक विषमता और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। जनकल्याण की तमाम योजनाओं के कार्यान्वयन के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। किसानों, नौजवानों, अल्पसंख्यकों, निर्धनों, श्रमिकों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों में श्री अखिलेश यादव के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

समाजवादी आंदोलन की विचारधारा की जो थाती मिली है, उसकी नींव महात्मा गांधी, डॉ. राममनोहर लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और चौधरी चरण सिंह के आदर्शों पर आधारित हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्य और स्वतंत्रता सेनानियों के सपने हैं, जिनको सहेज कर रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारी लड़ाई सामाजिक न्याय और व्यवस्था परिवर्तन के लिए है, जिसके केंद्र में उपेक्षित, वंचित वह व्यक्ति है, जो समाज में अंतिम पंक्ति में खड़ा है। पार्टी की प्रतिबद्धता लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी व्यवस्था के लिए है, क्योंकि यह तीनों मूल्य एक-दूसरे पर आधारित है। पार्टी का मानना है कि सत्ता और व्यवस्था का विकेंद्रीकरण होना ही चाहिए। पार्टी यह भी मानती है कि सामाजिक गैरबराबरी ने समाज की गतिशीलता खत्म कर जड़ता पैदा की है।

गांव-किसान की उपेक्षा से सामाजिक असंतुलन पैदा हुआ है। केंद्रित व्यवस्था ने पलायन, गरीबी और विषमता को जन्म दिया है। पार्टी का मानना है कि बिना आर्थिक समता के प्रदेश का विकास नहीं हो सकता है। जहां गांव आत्मनिर्भर हो, वहीं गांव-शहर दोनों में मूलभूत सुविधाओं के साथ अवस्थापना सुविधाओं का भी विस्तार हो। सरकारी बजट में कृषि और किसानों के लिए 75 प्रतिशत की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। गरीबों को सभी सुविधाएं दी जाएगी। महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दी जाएगी। किसानों को फसल की कीमत उत्पादन की लागत से डेढ़ गुना सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान, चारागाह, आवास आदि की व्यवस्थाएं प्राथमिकता से तय होगी। रोजगार के नए अवसरों के सृजन के साथ कौशल विकास मिशन का कार्य का विस्तार होगा। लघु कुटीर एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों की स्थापना पर विशेष बल दिया जाएगा। स्वरोजगार के लिए रियायती कर्ज मिलेगा। अल्पसंख्यकों, व्यापारियों तथा अधिवक्ताओं के कल्याण की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

उत्तर प्रदेश की जनता ने समाजवादी सरकार से पूर्व बसपा राज में लूट और भ्रष्टाचार का क्रूरतम चेहरा देखा था। भाजपा की वर्तमान केंद्र की सरकार की राजनीति सांप्रदायिकता पर आधारित है और झूठे तथा जुमलों पर शासन को चलाने वाली सरकार द्वारा पिछले ढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में अच्छे दिन लाने के बजाय नोटबंदी जैसे कार्य करके गरीब मजदूर की रीढ़ भी तोड़ दी है। समाजवादी सरकार ने प्रदेश में बिना किसी जाति धर्म के भेदभाव के सभी का हित साधन किया है।

विधान सभा चुनाव के लिए हम पार्टी के नए घोषणा पत्र के साथ आपके बीच आ रहे हैं। जनता जर्नादन से यही आशा है कि वह हमारी समाजवादी सरकार की वर्तमान 5 वर्ष में प्रदेश के विकास एवं सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था को धरातल से ऊंचाई तक ले जाने के प्रयासों को आगे तक ले जाने के लिए हमें दुबारा प्रदेश की सेवा का अवसर देंगे।