शिक्षा

यूनिसेफ की शिक्षा के संबंध में 2015 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने प्रभावशाली उपलब्धि हासिल की है।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर 69.72 प्रतिशत है। यहां 3,40,00,000 बच्चे (93%) स्कूल जाते है । शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर समाजवादी पार्टी प्रतिबद्ध है। इसीलिए समाजवादी पार्टी ने कई योजनाएं शुरू की हैं ताकि बिना किसी भेदभाव के सभी को और सहज रूप से शिक्षा मिल सके। सर्व शिक्षा अभियान को बेहतर बनाने के लिए समाजवादी सरकार ने 15,397 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों की शिक्षा के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। प्राथमिक शिक्षा के उन्नयन की दिशा में समाजवादी पार्टी लगातार काम कर रही हैं। छात्रवृत्ति की तमाम योजनाएं चलाकर विभिन्न वर्गों और समुदायों की विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने और उच्च शिक्षा के लिए भी प्रेरित कर रही है।

लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार ने 'कन्या विद्याधन' और 'हमारी बेटी, उसका कल' जैसी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत छात्राओं को कक्षा 10 की बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए 30,00 रुपए सालाना की मदद की जाती है। उत्तर प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट में शैक्षिक संस्थानों, योजनाओं, और छात्रों के व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए करीब 30,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस दौरान उच्च शिक्षा के लिए 20 से ज्यादा शैक्षणिक केंद्र खोलने का भी निर्णय लिया गया है।

समाजवादी पार्टी शिक्षा पर सभी के समान हक की अवधारणा में विश्वास रखती है और 1992 से हर किसी को शिक्षा की आजादी दिलाने की दिशा में काम कर रही है।