पार्टी की विचारधारा

समाजवादी पार्टी एक ऐसा समाज बनाने में विश्वास करती है जहां समानता के सिद्धांत पर काम हो । पार्टी का दृष्टिकोण धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक है। समाजवादी पार्टी समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान की दिशा में लगातार काम करने में विश्वास करती है और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ी है।

स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी और महान जनसेवक श्री राम मनोहर लोहिया समाजवादी पार्टी के प्रकाशपुंज हैं। उनकी निष्ठा, भारत की आजादी के लिए उनके नि:स्वार्थ संघर्ष और समाज के सभी वर्गों के लोगों को एकजुट करने के लिए उनकी क्षमता का समाजवादी पार्टी के नेताओं, युवाओं और कार्यकर्ताओं पर गहरा प्रभाव है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वे कई बार जेल गए। सामाजिक समानता के लिए वह जीवन भर अडिग संघर्ष करते रहे।

गांधी जी की विचारधारा ने लोहिया जी को काफी प्रभावित किया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ कई लेख लिखे और यूरोप में बढ़ रहे ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का काम किया। भारत के आजाद होने के बाद वे किसानों और गरीबों की लड़ाई के लिए जमीनी राजनीति में सक्रिय हो गए और खुद को सामाजिक अन्याय के खिलाफ संघर्ष में समर्पित कर दिया। उन्होंने पूंजीवादी-सामंतवादी प्रवृत्तियों के खात्मे के लिए भी अहम लड़ाई लड़ी।

लोहिया जी एक स्वाभाविक समाजवादी थे। उनके लेख जटिल से जटिल समस्याओं को सरलता पूर्वक जन मानस के सामने रखते थे। उनकी लेखनी ने आम जनता को समाज की कुरीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाने का साहस दिया। लोहिया जी के दिए मूलमंत्र समाजवादी पार्टी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक, जिसके रास्ते पर चलकर पार्टी समाज के गरीब, पिछड़े और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान का काम कर रही है।